मुझे तो मेरे वो प्यार दे दो रब, जो कभी दिल नहीं तोड़ती थी !
मेरे हार बात को सुनती अपनी बात दिल से सुनती थी !!
वो जो मेरे गाम से गाम गिन होती मुझे खुश देख मुस्कुराती थी
उस के दिल में कोई छल कपट नहीं थे मुझे बेबाक गले लगती
कहती मुझे छोड़ मत जाना, कभी मुझे छोड़ोगे तो नहीं और आँख भर जाती
मेरे गोद में शर रख कर सो जाती, मेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती थी
मेरे हार बात को सुनती अपनी बात दिल से सुनती थी !!
वो जो मेरे गाम से गाम गिन होती मुझे खुश देख मुस्कुराती थी
उस के दिल में कोई छल कपट नहीं थे मुझे बेबाक गले लगती
कहती मुझे छोड़ मत जाना, कभी मुझे छोड़ोगे तो नहीं और आँख भर जाती
मेरे गोद में शर रख कर सो जाती, मेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती थी
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